बुधवार, 17 अप्रैल 2019

साध्वीजी प्रज्ञा सिंग ठाकुर

"कुत्ती"
"कमीनी"
"वेश्या"
"कुलटा बोल इस भगवा में किसकी रखैल है ?"
"अब तक कितनों के बिस्तर पर गई‎ है?"
"किसके इशारे पर सब कर रही है ?"
"जिंदगी प्यारी है तो
जो मैं कहता हूँ कबुल ले बाकी जिंदगी आराम से कटेगी"
यह शब्द सुनकर आपकी त्योरियां जरुर चढ़ गई‎ होगी
मेरी भी चढ़ गई थी।
ऐसे घृणित शब्दों से किसी और को नहीं
बल्कि भगवा वस्त्र धारिणी निष्कलंक साध्वी प्रज्ञा को कलंकित "कांग्रेस"‎ के इशारे पर कांग्रेस‎ का दल्ला मुम्बई ATS हेमंत करकरे के सामने मुम्बई पुलिस व ATS के दोगलों ने कहलवाया था. .......
जिस करकरे को आज शहीद मान कर सम्मान दिया जाता है एक नम्बर का नीच आदमी था....
मैं साध्वी जी का एक साक्षात्कार देख रहा था।
ऐसे घृणित शब्दों को इशारे में बताया।
बताते हुए उनके नेत्र सजल हो गये.
साक्षात्कार देखते हुए क्रोधाग्नि से धधक रहे मेरे आँखो से भी अश्रु की धारा फूट पड़ी।
"साध्वी दीदी" ने मर्माहत शब्दों में वृत्तान्त सुनाया कि
मेरे शरीर का कोई‎ ऐसा अंग नही जिसे चोटिल ना किया गया हो।
जब पत्रकार ने पुछा कि
मारने के कारण ही आपके रीढ़ की हट्टी टूट गई‎ थी ??
साध्वी दीदी ने कहा,
"नहीं, मारने से नहीं,
एक जन हमारा हाथ पकड़ते थे एक जन पांव और झूलाकर दीवार की तरफ फेंक देते थे,
ऐसा प्राय: रोजाना होता था दीवार से सर टकराकर सुन्न हो जाता था।
कमर में भयानक दर्द होता था। ऐसा करते करते एक दिन रीढ़ की हड्डी टूट गई तब अस्पताल में भर्ती कराया गया।"
साध्वी दीदी ने बताया,
"एक दिन तो ऐसा हुआ कि
मारते मारते एक पुलिस वाला थक गया तो

दुसरा मारने लगा।
उस दौरान मेरे फेफड़े की झिल्ली फट गई‎ फिर भी विधर्मी निर्दयता से मारता रहा.".....
साध्वी दीदी ने बताया,
"रीढ़ की हड्डी टूटने के बाद मैं बेहोश हो गई‎ थी।
जब होश आया तो देखा कि
मेरे शरीर से सारा भगवा वस्त्र उतार लिया गया गया था.
मुझे एक फ्राक पहनाया गया था।"
साध्वी दीदी ने बताया,
"मेरे साथ मेरे एक शिष्य को भी गिरफ्तार किया गया था ।
उसे मेरे सामने लाकर उसे चौड़ा वाला बेल्ट दिया और कहा मार!! अपने गुरु को इस साली को!!" .....
.."शिष्य, सकुचाने लगा तो मैं बोली मारो मुझे !!
शिष्य ने मजबुरी में मारा तो जरुर मुझे
लेकिन नरमी से।
तब एक पुलिस वाले ने शिष्य से बेल्ट छीन कर शिष्य को बुरी तरह पीटने लगा और बोला ऐसे मारा जाता है.
"साध्वी दीदी ने बताया कि
एक दिन कुछ पुरुष‎ कैदियों के साथ मुझे खड़ी करके अश्लील आडियो सुनाया जा रहा था.
मेरे शरीर पर इतनी मार पड़ी थी कि
मेरे लिए खड़ी रहना मुश्किल था. मैं बोली कि बैठ जाऊँ वो बोले साली शादी मे आई है क्या कि बैठ जायेगी!!
मेरी आँख बंद होने लगी मैं अचेत हो गई।
साध्वी दीदी ने बताया,
"मेरे दोनों हाथों को सामने फैलवाकर एक चौड़े बेल्ट से मारते थे,
मेरा दोनो हाथ सूज जाता था।
अँगुलियां भी काम नही करती थी,
तब गुनगुना पानी लाया जाता था। मैं अपने हाथ उसमें डालती,
कुछ आराम होता तब अंगलुियां हिलने डुलने लगती थी,
तो फिर से वही क्रिया मेरे पर मार पड़ती थी।
साध्वी जी ने बताया कि
मुझे तोड़ने के लिए मेरे चरित्र पर लांछन लगाया।
क्योंकि लोग जानते हैं कि
किसी औरत को तोड़ना है तो उसके चरित्र पर दाग लगाओ !
मेरे जेल जाने के बाद यह सदमा मेरे पिताजी बर्दास्त नहीं कर पाये और इस दुनियां से चल बसे. साध्वी जी राहत की सांस लेते हुए कहती हैं मेरे अन्दर रहते ही,
एक दुर्बुद्धि दुराचारी हेमंत करकरे को तो सजा मिल गई‎ मिल गई अभी बहुत लोग बाकी है।
साध्वी दीदी ने बताया,
"नौ साल जेल में थी,
सिर्फ एक दिन एक महिला ने एक डंडा मारा था,
बाकी हर रोज पुरुष ही निर्दयता से हमें पीटते थे."
पत्रकार ने पूछा,
"आपको समझ में तो आ गया होगा कि क्यों आपको इतने बेरहमी से तड़पाया जा रहा था?"
साध्वी जी ने कहा,
"हां, भगवा के प्रति उनका द्वेश था।
फूटी आंख भी भगवा को नही देखना चाहते थे।
भगवा को बदनाम करने का कांग्रेस ने एक सुनियोजित षडयंत्र तैयार किया था."
साध्वी जी ने बताया कि
एक बार कांग्रेस का गुलाम, स्वामी अग्निवेष मुझसे मिलने जेल में आया और बोला,
"आप सब कबुल कर लो कि
हां! यह सब RSS के कहने पर हुआ है।
सरकारी गवाह बन जाओ।
चिदम्बरम और दिग्विजय हमारे मित्र हैं।
मै आपको छुड़वा दुंगा"
साध्वी जी ने कहा,
"अगर आपकी उनसे घनिष्ठता है और सच में हमें छुड़ाना चाहते हो,
तो चिदम्बरम से जाकर बोलो की इमानदारी से जांच करवा ले, क्योंकि मैंने ऐसा कुछ किया ही नही है ।"

हिन्दुओं
इसके आगे आपको सोचना है कि
काँग्रेसियों के मन मे हिन्दुओं के लिए कितना प्रेम है।
काँग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र आपने पढ लिया होगा।

अब आपको निर्णय करना है कि आपको कैसा भारत चाहिए।
हिन्दू युक्त या हिन्दु मुक्त :-

सोमवार, 15 अप्रैल 2019

राहुल गांधी की अग्निचरसा।

आप इस सिगरेट को देख रहें हैं। इसमे इटैलियन चरस है। इसका एक सुट्टा जब मैं लेता हूँ तो मुझे गरीबी कहीं दिखाई नहीं देती। दूसरे सुट्टे में मुझे भ्रस्टाचार कहीं दिखाई नहीं देता। तीसरे सुट्टे में मुझे मोदी जी दिखाई नहीं देते। और जब मैं पूरी सिगरेट पी लेता हूँ तो मुझे लगता है कि मैं ही प्रधानमंत्री हूँ। अगर आपको भी ये आनंद पाना है तो मुझे वोट दीजिये। मैं पूरे राष्ट्र में चरस फैला दूंगा और सभी समस्याओं का अंत कर दूँगा।पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का बड़ा बयान..
देशद्रोही पार्टी हो गई कांग्रेस !*एक विशेष करवद्ध निवेदन आग्रह*

समय निकाल कर हर दिन मोदी जी के समर्थन में पोस्ट करता हूं , इसलिये नही की मैं भाजपा का सदस्य हूं या भाजपा से कोई आर्थिक लाभ मिलता है या भाजपा में किसी राजनितिक पद पर हूँ,     बस इसलिए कि जब बच्चे बड़े होकर पूछेंगे जब देश के सारे महाचोर एक होकर मेरे देश के लोकतंत्र को खत्म करने व देश को लूटने के लिए मोदी जी के खिलाफ लड़ रहे थे, तब आप क्या कर रहे थे ?   

तो मैं गर्व के साथ कह सकूं कि मैं भी भारत मां की लाज बचाने के लिए व भारत माता की रक्षा के लिए *चोकिदार* बनकर मोदी जी के साथ हिंदू धर्म निभा रहा था । देश के भाग्य का परिणाम कुच्छ भी हो ! मगर  मुझे गर्व होगा जब मेरा हिन्दुस्तान का समाज मुझे गद्दार नही वफादार के रूप में जानेगा । अगर आपका ज़मीर जिंदा है तो आप भी भारत मां की रक्षा के लिए मोदी जी को तन मन धन से सहयोग करें  क्यो की हिंदू ह्रदय सम्राट नरेन्द्र मोदी जैसा अवतार बार बार नही आएगा ।
🕉
*नमो नमो* *जयहिंद*
🕉🇳🇪🇮🇳🇳🇪🇮🇳🕉

मंगलवार, 2 अप्रैल 2019

कोंग्रेश का दंगा_नियंत्रण_कानून #Void @congress

#दंगा_नियंत्रण_कानून,

हिंदू समाज के लिए फांसी का फंदा, बहुत से लोगों को इस बिल के बारे में पता होगा, 2011 में इस बिल की रुपरेखा को सोनिया गाँधी की विशेष टीम ने बनाया था जिसे NAC भी कहते थे, इस टीम में दर्जन भर से ज्यादा सदस्य थे और सब वही जिन्हें आजकल अर्बन नक्सली कहा जाता है..

कांग्रेस का कहना था की इस बिल के जरिये वो देश में होंगे वाले दंगों को रोकेंगे। अब इस बिल में कई प्रावधानो पर जरा नजर डालिए:--

📌अगर कोई अल्पसंख्यक सिर्फ यह आरोप लगा दे कि मुझसे भेदभाव किया गया है तो पुलिस को अधिकार था आपके पक्ष को बिना सुने आपको जेल में डालने का हक होगा और इन केसों में जज भी अल्पसंख्यक ही होगा..

📌 अगर आपके घर में कोई कमरा खाली है और कोई मुस्लिम आपके घर आता है उसे किराए पर मांगने के लिए तो तो आप उसे कमरा देने से इंकार नहीं कर सकते थे क्योंकि उसे बस इतना ही कहना था कि आपने उसे मुसलमान होने की वजह से कमरा देने से मना कर दिया यानि आपकी बहन बेटी को छेड़ने वाले किसी अल्पसंख्यक के खिलाफ भी हम कुछ नहीं कर सकते थे। मतलब कि अगर कोई छेड़े तो छेड़ते रहने दो वर्ना वो आपके खिलाफ कुछ भी आरोप लगा देता…..आपकी सीधी गिरफ़्तारी और ऊपर से जज भी अल्पसंख्यक..

📌 देश के किसी भी हिस्से में दंगा होता, चाहे वो मुस्लिम बहुल इलाका ही क्यों न हो, दंगा चाहे कोई भी शुरू करता पर दंगे के लिए उस इलाके के वयस्क हिन्दू पुरुषों को ही दोषी माना जाता और उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांचें शुरू होती। और इस स्थिति में भी जज केवल अल्पसंख्यक ही होता ऐसे किसी भी दंगे में चाहे किसी ने भी शुरू किया हो..

📌अगर दंगों वाले इलाके में किसी भी हिन्दू बच्ची या हिन्दू महिला का रेप होता तो उसे रेप ही नहीं माना जाता । बहुसंख्यक है हिन्दू इसलिए उसकी महिला का रेप रेप नहीं माना जायेगा और इतना ही नहीं कोई हिन्दू महिला बलात्कार की पीड़ित हो जाती और वो शिकायत करने जाती तो अल्पसंख्यक के खिलाफ नफरत फ़ैलाने का केस उस पर अलग से डाला जाता..

📌 इस एक्ट में एक और प्रस्ताव था जिसके तहत आपको पुलिस पकड़ कर ले जाती अगर आप पूछते की आपने अपराध क्या किया है तो पुलिस कहती की तुमने अल्पसंख्यक के खिलाफ अपराध किया है, तो आप पूछते की उस अल्पसंख्यक का नाम तो बताओ, तो पुलिस कहती – नहीं शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जायेगा..

📌 कांग्रेस के दंगा नियंत्रण कानून में ये भी प्रावधान था की कोई भी इलाका हो बहुसंख्यको को अपने किसी भी धार्मिक कार्यक्रम से पहले वहां के अल्पसंख्यकों का NOC लेना जरुरी होता यानि उन्हें कार्यक्रम से कोई समस्या तो नहीं है । ऐसे हालात में अल्पसंख्यक बैठे बैठे जजिया कमाते क्यूंकि आपको कोई भी धार्मिक काम से पहले उनकी NOC लेनी होती, और वो आपसे पैसे की वसूली करते और आप शिकायत करते तो भेदभाव का केस आप पर और ऐसे हालात में जज भी अल्पसंख्यक..

📌और भी अनेको प्रावधान थे कांग्रेस के इस दंगा नियंत्रण कानून में जिसे अंग्रेजी में # Communal Violence Bill भी कहते है..

सुब्रमण्यम स्वामी ने इस बिल का सबसे पहले विरोध शुरू किया था और उन्होंने इस बिल के बारे में लोगों को जब बताया था तो 2012 में हिन्दू काँप उठे थे तभी से कांग्रेस के खिलाफ हिन्दुओं ने एकजुट होना शुरू कर दिया था। सुब्रमण्यम स्वामी का पूरा लेक्चर इस #Communal_Violence_Bill पर YOUTUBE पर आज भी मौजूद है, 45 मिनट से ज्यादा का है। आप चाहे तो YOUTUBE पर सर्च कर लें, और अच्छे से सुन लें..

देश का बहुसंख्यक समाज दूसरे धर्म के खिलाफ नहीं रहा कभी भी मगर देश की राजनीतिक पार्टियां अपने निजी स्वार्थ के समाज के बीच जहर घोल रही है इससे आप को सावधान रहने की जरूरत है..
   अगर आपको ये सब पढ़कर कुछ समझ नहीं आया हो तो अब NOTA जरुर दबाएँ, कांग्रेस आई तो इस बार तो अपना Communal Violence Bill पास करवा ही देगी और सब सेक्यूलर  संसद में समर्थन ही करेंगे, फिर न आप होंगे और न आपकी महिलाएं !!  
  भारत माता की जय

आगाज:

2002 का सुनियोजित गोधरा कांड एक एक्सपेरिमेंट था जाँचने के लिये कि हिंदुओं की औकात क्या है ? वो फ़ेल हो गया और तब से लक्षित हिंसा अधिनियम पर गंभीर चिंतन शुरू हुआ कि किस तरह औरंगजेब के शासनकाल से भी ज्यादा जुल्मी कानून ला कर हिन्दुओं को कन्वर्ट होने पर मजबूर कर दिया जाय । लेकिन हिन्दुओं को तो क्रिकेट, सीरियल, फ़िल्मी भांडों और नचनियों की शादियों में बेगाना अब्दुल्ला बनने से ही फ़ुरसत नहीं है ।